जानिए योग निद्रासन के फायदे, विधि और सावधानी

आज हम ऐसे एक लोकप्रिय योग आसन के बारे में बता रहे हैं जिसका अभ्यास स्त्री-पुरुष और सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि लोग इस मुद्रा के क्या लाभ हैं और इस मुद्रा का नाम क्या है? इसे योग निद्रासन(Yoga Nidrasana) कहा जाता है।

योग निद्रासन क्या है? | What is Yoga Nidrasana

इस आसन की करने की मुद्रा निद्रा अवस्था में जाने जैसे होती है, अतः इसे योग-निद्रासन कहते हैं।

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योग निद्रासन करने की विधि | Yoga Nidrasana Steps

इस आसन के लिए पीठ के बल लेट जाएं फिर दोनों पांवों को ऊपर उठाकर दोनों बगलों से निकालते हुए सिर के पीछे ले जाएं तथा एक पांव के ऊपर दूसरा पांव मिलाए रहें। दोनों नितम्ब नीचे रहे। सम्पूर्ण शरीर कमर तथा पीठ के भाग के ऊपर टिका रहेंगा तथा पांवों पर रखा शरीर ऊपर उठा रहेगा।

विशेष

यह आसन कठिन है, परन्तु नियमित अभ्यास से सिद्ध हो जाता है। इस आसन को पुरुष सरलता से कर सकते हैं, पर स्थूलकाय महिलाओं के लिए इसे करना असम्भव है, अतः पहले वे स्थूलता मिटाने वाले आसन करके पेट की बढ़ी हुई चर्बी घटा लें, तब इस आसन को कर सकती हैं।

सुडौल, लचीले जिस्म वाली युवतियां, स्त्रियां कर सकती हैं। सभी आयु-वर्ग के पुरुष इस आसन को अभ्यास द्वारा अपना सकते हैं। इस आसन की उपयोगिता यह भी है कि आरम्भ अवस्था में इस आसन की मुद्रा में विश्राम की अवस्था अपनायी जा सकती है। अतः इसे अन्य आसन के बाद नया आसन करने की तैयारी के रूप में किया जा सकता है।

योग-निद्रासन करने का समय

आरम्भ में इस आसन में 2 से 5 मिनट तक रहें,फिर धीरे-धीरें समय बढ़ाते जाएं। अभ्यस्त हो जाने पर इस स्थिति में 20 मिनट से भी अधिक समय तक रुके रहने वाले अभ्यासी देखे गये हैं।

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योग निद्रासन का लाभ | Yoga Nidrasana Benefits

  1. इस आसन के अभ्यास से पूरे शरीर को विश्राम मिलता है।
  2. इस आसन की स्थिति में चाहे जितनी देर तक विश्राम किया जा सकता है।
  3. यह रीढ़ तथा छाती की हड्डियों को पुष्ट बनाता है।
  4. छोटी आंत, बड़ी आंत क्लोम ग्रंथि तथा मूत्राशय पर इसका उत्तम प्रभाव पड़ता है, जिससे उसकी मल शुद्ध होती है तथा वे क्रियाशील बने रहते हैं।
  5. यह अंग-प्रत्यंग को स्फूर्ति तथा लचक देता है तथा सुस्ती को दूर करता है।

योग निद्रासन में सावधानी

  • यदि आप बीमार है और कोई शारीरिक समस्या है, तो इस योग मुद्रा का अभ्यास करने से पहले अपने चिकित्सक परामर्श जरूर ले।
  • पैर, कूल्हों, पीठ या कमर की चोट से ग्रसित रोगियों को इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं और पीरियड्स वाली महिलाओं को भी इसका अभ्यास करने से बचना चाहिए।
  • किसी विशेषज्ञ योग शिक्षक के मार्गदर्शन में इस मुद्रा का अभ्यास करना या अपने किसी साथी की मदद से अभ्यास करना चाहिए उचित होता है।

अब, आप योग निद्रासन के सभी फायदे या लाभ, विधि और सावधानी को जानते हैं फिर इंतजार क्यों करें? अपने योगाभ्यास का आनंद लें और अपना दिन शानदार करे! अपनी सीमा और क्षमता के अनुरूप ही अभ्यास करें। अगर आपको लगे कि यह लेख आपके लिए उपयोगी है तो नीचे टिप्पणी करके अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें। हमें आपसे जानकर खुशी होगी!

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