उष्ट्रासन | Ustrasana Benefits in Hindi

उष्ट्रासन(Ustrasana Benefits in hindi) आसन वज्रासन समूह के अंतर्गत आता है। वज्र का सीधा संभंध जननांग प्रणाली से जुड़ा एक प्रमुख नाडी से भी है। इसलिए वज्रासन श्रृंखला प्रजनन के साथ-साथ पाचन अंगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। आध्यात्मिक और भावनात्मक तरीके से, मन को शांत करने में उष्ट्रासन(ustrasana) का अभ्यास करना बहुत अच्छा माना जाता है।

यह आसन स्वयं और शरीर में विश्वास की गहरी भावना को बढ़ावा देता है, साथ ही आंतरिक शक्ति और भाग्य की भावनाओं को भी। यह हृदय चक्र भी खोलता है जिससे छाती चौड़ी होती है और हृदय बाहर की ओर निकलता है। योग यात्रा का पहला चरण आसन या योग आसन के अभ्यास से शुरू होता है जो एक अच्छे स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

यह इस प्रकार की मुद्रा है जो अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ाने में सहयोग करती है कुछ स्वस्थ्य बीमारियों में शानदार ढंग से काम करती है। यदि इसका रोज और सही तरीके से अभ्यास किया जाए, तो विशेषज्ञों के अनुसार मामूली से लेकर पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं पर विजय प्राप्त करने की जा सकती है।

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उष्ट्रासन आसन का अर्थ

उष्ट्रासन आसन  को करते समय वयक्ति के शरीर की मुद्रा ऊंट के समान हो जाती है, अतः इस आसन को उष्ट्रासन(Camel pose) कहते है। संस्कृत में ‘Ushtra’ शब्द का अर्थ ‘ऊंट’ होता है। इस आसन में शरीर ऊंट के आकार जैसा दिखता है इसलिए इसे उष्ट्रासन कहा गया है। यह विशेष रूप से पीठ की समस्या, आराम दिमाग, रक्त संचार, श्वसन प्रणाली, अंतःस्रावी और तंत्रिका तंत्र के लिए बहुत अच्छा है।

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आसन की मुद्रा

इस आसन में पैरो को घुटनो से मोड़कर पीछे की और झुकाकर दोनों हाथो से पैरो को पकड़ते है।

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आसन मुद्रा के समय सावधानी

कमर को पीछे की ओर झुकाने में सावधानी रखनी चाहिए।

जिन लोगों को गर्दन, घुटने और पीठ की चोट से संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें यह आसन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

कमर दर्द के रोगियों को भी इस आसन से बचना चाहिए।

उच्च या निम्न रक्तचाप और माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति को इस आसन से बचना चाहिए।माइग्रेन से मिलेगा छुटकारा

अनिद्रा (स्लीपिंग डिसऑर्डर) के रोगी को बचना चाहिए।

विशेषज्ञ के निर्देशानुसार में अभ्यास करें। क्योंकि इस मुद्रा से पीठ दर्द या गर्दन में चोट लग सकती है।गर्दन में दर्द:- गलत मुद्रा में बैठने से बढ़ता है

अपनी समस्या का मूल कारण जानने के लिए योगासन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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आसन करने का समय

प्रारम्भ में यह आसन सरतापूर्वक एक बार करना और बाद में इस 3-4 बार तक करना चाहिए।

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आसन से लाभ- Ustrasana Benefits in Hindi

  • शरीर में रीढ़ की हड्डी व उंगलिया लचीली व मजबूत बनती है। साथ ही कमर सुडोल होती है।
  • गले की ग्रंथियों के दोष दूर होते है और पेट का मोटापा दूर होता है।
  • इस आसान में ध्यान लगाने से वयक्ति की मानसिक शक्ति बढ़ती जाती है।
  • छाती, पेट और गर्दन में लचीलापन लाता है।
  • वात, पित्त और कफ दोष को ठीक करता है।
  • श्वसन प्रणाली के कार्य में सुधार। दमा के रोगी के लिए फायदेमंद।
  • छाती का विस्तार करता है और फेफड़ों की क्षमता में सुधार करता है।
  • इस योग आसन में खिचाव होने से पेट अंग भी उत्तेजित हो जाते हैं जो पाचन को ठीक करते है। Ustrasana शरीर को detoxify करता है, जिससे यह परिसंचरण को बढ़ाता है और जिससे यह पाचन, चयापचय और भूख में सुधार करता है।
  • कैमल पोज(Camel pose) मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन, स्वभाव में बदलाव आदि का इलाज करके मासिक धर्म की परेशानी से राहत पाने के लिए एक अद्भुत आसन है। यह योग शरीर के लिए प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट(Anti-oxidant) की एक अद्भुत खुराक साबित होता है जो मासिक धर्म की परेशानियों को कम करता है।

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आसन करने की विधि- Yoga Pose(Camel pose)

उष्ट्रासन(Camel pose) ,yoga pose

  • वज्रासन की मुद्रा में बैठे जाये, फिर खड़े हो जाये।
  • दोनों घुटनो के बिच इतना फासला रखे की वे की चौड़ाई के समानांतर हो।
  • दोनों हाथो को कमर पर रखे। हाथ की मुद्रा ऐसी हो की उंगलियों पेट की तरफ हो और अंगूठे रीढ़ की हड्डी पर मिलकर कस जाये।
  • लम्बी साँस खींचे। अब कमर से ऊपर का हिस्सा घुटनो के सामानांतर मुड़ने लगे, वो दोनों हथेलियों को तलुवों पर ले आयें। जब तक साँस रोक सके, इस स्थति में रहे, फिर सीधे हो जाये।
  • साँस छोड़े और फिर इसे करे। आसन करते समय ध्यान रीढ़ की हड्डी पर लगाना चाहिए।

यहाँ उष्ट्रासन आसन (Ustrasana Benefits in hindi) को कैसे करते है उसकी प्रक्रिया और लाभ बताये गए है। ये शरीर के कई प्रकार के विकारो को दूर करते है।

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