तुलासन योग विधि, लाभ और सावधानी

तुलासन(Tulasana) बहुमुखी योग मुद्राओं में से एक है। जो लोग इस योग का अभ्यास कर रहे हैं वो इसके लाभ उठा सकते हैं। तुलासन योग के लाभ(Tulasana Benefits in hindi) मानसिक और शारीरिक दोनों में उपयोगी है और इसके साथ ही यह आध्यात्मिकता को जगाने के लिए भी उपयोगी हैं। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को बदल सकता है।

तुलासन संस्कृत शब्द “तुला” का अर्थ “संतुलन और बैलेंस” और “आसन” का मतलब मुद्रा होता है। इस योग मुद्रा में, शरीर का सम्पर्क फर्श से हटा दिया जाता है, और शरीर एक तराजू की तरह आगे और पीछे झूलता रहता है। और पैर पद्मासन की स्थति में रहते हैं । शरीर का मन और आत्मा के बीच संतुलन भी बनेगा। तुलासन योग के लाभ उठाने के लिए बहुत अभ्यास की आवश्यकता हो सकती है।

यह आसन अष्टांग योग के प्रथम भाग का हिस्सा है। यह एक हाथो पर संतुलन बनाने का एक चुनौतीपूर्ण योग आसन है जो कंधों और हाथो को मजबूत करता है। और साथ ही एकाग्रता को तेज करता है और शरीर की जागरूकता में सुधार करता है।

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तुलासन की विधि | Tulasana Steps in Hindi

Tulasana Steps in Hindi

प्रारम्भ में पद्मासन की स्थिति में बैठें और फिर दोनों हाथों को दोनों पांवों के बीच से निकालकर हथेलियों को जमीन पर टिकायें और धीरे-धीरे शरीर को उठाकर शरीर का भार हाथों और हथेलियों पर ही पड़ने दें।

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तुलासन के लाभ | Tulasana Benefits in Hindi

  • इस आसन के अभ्यास से वक्षस्थल और कन्धों में बल और दृढ़ता उत्पन्न हो जाती है तथा भुजा और हथेलियां मजबूत हो जाती हैं। ग्रीवा में लचक का शोधन होता है।
  • उधर और आंतों के शोधन में भी यह उपयोगी है।
  • यह अभ्यास छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि संतुलन बनाने से छात्र के शरीर और दिमाग में समग्र संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करती है।
  • आसन आपके शरीर में ऊर्जा को भी बढ़ाता है और भूख भी बढ़ाता है।

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तुलासन करने से पहले वाले आसन

कमल मुद्रा, पद्मासन, बंध कोणासन, वीरासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन, गरुडासन , जानु शिरासन

तुलासन के बाद वाले आसन

कुक्कुटासन

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तुलासन में सावधानी | Tulasana precautions in Hindi

  • इस आसन को उन लोगो को नहीं करना चाहिए जिनको पद्मासन करने में कठिनाई होती है।
  • इसके साथ ही यदि आपके कंधे, कलाई, टखने, या घुटने में चोट है तो इस आसन से बचना चाहिए।
  • यदि आप योग करना शुरू किया है तो इस आसन को करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। सबसे पहले आप अर्ध पद्मासन का अभ्यास करे।

फिर भी आप को सलाह दी जाती है की आप योग चिकित्सक के साथ तुलासन मुद्रा (Tulasana yoga in hindi) को आजमाए।

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