पश्चिमोत्तानासन की विधि और लाभ

पश्चिमोत्तानासन क्‍या है? | What is Paschimottanasana ?

इस आसन में साधक अपने सामने फैले हुए पैरों के अंगूठों को दोनों हाथों से छूने का कार्य करता है। इसलिए यह पश्चिमोत्तानासन कहलाता है।

पश्चिमोत्तानासन को हठ योग के रूप में भी जाना जाता है। यह योग आसन (Paschimottanasana) सम्पूर्ण शरीर के लिए बहुत ही अच्छा योग है। ये योग मधुमेह और उच्च रक्त चाप से ग्रसित व्यक्तियों के लिए लाभदायक है। अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन सुबह इस योग का अभ्यास करना चाहिए। इसका अभ्यास खली पेट करे।

यहाँ हम पश्चिमोत्तानासन करने का सही विधि और इनके लाभ के बारे में चर्चा करेंगे।

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पश्चिमोत्तानासन के लाभ | Paschimottanasana Benefits in Hindi

इससे पेट के सभी विकार दूर होते हैं। पेट व कमर की चर्बी शर्तिया घटती है

मेरुदण्ड लचीला और मांस पेशिया सुद्रढ़ होती हैं।

अनिद्रा के इलाज में मदद करता है।

उच्च रक्तचाप (हाई बी पि) की समस्या को ठीक करता है।

मोटापे को ठीक करता है।

अपच की समस्या को ठीक करने में मदद करता है।

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पश्चिमोत्तानासन की विधि | Paschimottanasana Steps in Hindi

paschimottanasana Steps

धरती पर पेट के बल लेट जाएं तथा दोनों पांवों को सामने की ओर फैला दें। पैर परस्पर सटे हुए रहने चाहिएं। दोनों हाथों को सिर की ओर ऊपर फैला दें। अब एक झटके के साथ दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए उठें तथा कमर के ऊपरी भाग को सामने ले जाते हुए दोनों हाथों द्वारा दोनों पांवों के अंगूठों को पकड़ने का प्रयत्न करें।

साथ ही नाक द्वारा एक बार बायें घुटने को छूने का प्रयत्न करें। ऐसा करते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिएं तथा दोनों पांव व हाथ एकदम सीधे तने रहने चाहिएं।

यदि प्रारम्भ में लेटकर उठने तथा झटके के साथ उठने के अभ्यास में कठिनाई का अनुभव हो तो फर्श पर बैठने के बाद ही इस आसन को आरम्भ करें।

सर्वप्रथम दायें पैर के अंगूठे को दायें हाथ से, बायें पैर के अंगूठे का बायें हाथ से स्पर्श करें। इस प्रयत्न में पहली बार पूर्ण सफलता प्राप्त न हो तो हाथों को वहीं तक ले जाएं जहां तक आसानी से ले जा सकें। फिर धीरे-धीरे उन्हें और आगे बढ़ाने तथा अंगूठों को पकड़ने का अभ्यास करना चाहिए।

अतः क्रिया को करते समय श्वास धीरे-धीरे लेनी तथा छोड़नी चाहिए। नाक द्वारा घुटने का स्पर्श करते समय सिर दोनों बांहों के बीच होना चाहिए तथा बांहें तनी होनी चाहिएं।

धीरे उठें। शरीर पर संतुलन बनाकर आगे झुकें। इस आसन को स्त्रियां तथा पुरुष दोनों सरलता से कर सकते हैं।

यहाँ कुछ योग है जिनका पहले अभ्यास करने से पश्चिमोत्तानासन योग करने में सहायक हो सकते है-

बालासन

उत्तानासन

जानुशीर्षासन

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पश्चिमोत्तानासन में सावधानी

यदि आप निचे दी गई किसी समस्या से पीड़ित है तो इस आसन को करने से बचना चाहिए-

अगर आप स्लिप डिस्क की समस्या से पीड़ित हैं।

अगर आप स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित हैं।

अगर आप किसी चोट से पीड़ित हैं।

अगर आप गर्भवती हैं।

अगर आप हर्निया की समस्या से पीड़ित हैं।

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पश्चिमोत्तानासन करने का समय | Timing of Paschimottanasana in Hindi

अंगूठे को पकड़े रहने की स्थिति में 5 से 8 सेकण्ड तक रहना काफी है।

अभ्यास चक्र पूरा करते समय हाथों से अंगूठे की पकड़ छोड़कर दोनों हथेलियों को पांव पर रखते हुए उन्हें धीरे-धीरे पीछे की ओर खींच लाना चाहिए। पांच बार आरम्भ में करके दस बार तक करना काफी है।

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