पर्वतासन की विधि,लाभ और सावधानी

परिचय | About parvatasana | Parvatasana Information

इसमें आसान की स्थति पर्वत के सामान हो जाती है इसलिए इसे पर्वतासन कहते है। इस आसन को सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते है।

योग का सबसे अच्छा आसन है पर्वतासन। इस योग के बहुत फायदे और अनेक रोग दूर होते है। इसके लिए ये भी कह सकते है की ये ध्यात्मिक व शारीरिक दोनों में लाभदायक है।

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पर्वतासन की विधि | Parvatasana Steps

Parvatasana Steps in hindi

पद्मासन में बैठकर सांस को अन्दर खींचें, जिससे उदर वायु से परिपूर्ण हो जाये।

फिर हाथों को ऊपर की ओर सीधे तान लें। उदर विकार के लिये यह श्रेष्ठासन है।

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पर्वतासन के लाभ | Parvatasana Benefits

इस आसन से शरीर बलशाली होता है।

छाती का विकास होता है और दिल मजबूत बनता है।

खून साफ होता है और फेफड़ों के विकार भी दूर हो जाते हैं।

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पर्वतासन की सावधानी | Parvatasana Precautions

  • यदि आप हाथो को तानते समय दर्द महसूस करते है तो आसन नहीं करना चाहिए।
  • अपनी पीठ और गर्दन को सीधा रखें।
  • कूबड़ नहीं निकाले।

नोट-स्त्री-पुरुष दोनों के लिये यह लाभदायक आसन है।

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