पद्मासन योग विधि, लाभ और सावधानी

अपने दिमाग को शांत करना एक कभी कभी बहुत मुश्किल हो जाता हैं। पद्मासन योग के साथ कमल की तरह खिलें और मन को शांत करें। पैरों को कमल की पंखुड़ियों की तरह मोड़कर और अपने आप को फिर से जीवंत करने के लिए अपने तनाव वाले हार्मोन को बाहर निकालें। इसलिए अपनी योग चटाई पर बैठे, क्योंकि इस लेख में आपके लिए पद्मासन की विधि और लाभ पर एक विस्तृत जानकारी दी गयी है।

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पद्मासन क्या है ? | What is Padmasana in Hindi

पदूम का अर्थ कमल होता है। इस आसन को करते समय व्यक्ति की स्थति कमल के समान हो जाती है, अत: इस आसन को ‘पद्मासन’ कहते है। पद्मासन योग एक ध्यान मुद्रा है। यह एक पैरों को कमल की पंखुड़ियों की तरह मोड़कर बैठा आसन है। यह एक प्रमाणित ध्यान योग है जो अनादि काल से बौद्ध और जैन परंपराओं में भी प्रयोग की जाती है।

शुरू करने से पहले आपको क्या पता होना चाहिए

पद्मासन की विधि और लाभों की देखने से पहले, आपको शुरू करने से पहले कुछ बातो को ध्यान में रखना होगा।

  1. यह एक ध्यान मुद्रा है इसलिए इसे सुबह की रोशनी के साथ करते हैं। अपने मन और शरीर को ताज़ा करने का सबसे अच्छा समय हैं। लेकिन ऐसा नहीं हैं की आप इस आसन को शाम को नहीं कर सकते है। शाम को भी पद्मासन योग करने का अच्छा समय है।
  2. पद्मासन योग खाली पेट किया जाता है। लेकिन अगर आप इसे व्यायाम को शाम को करने की योजना बना रहे हैं, तो इसे अपने भोजन के 4 से 5 घंटे बाद करना बेहतर है।
  3. आसन करते समय पेट साफ होना चाहिए। क्योंकि यह एक ध्यान मुद्रा है, और यह चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ आसन में से एक है, इसलिए एक दैनिक दिनचर्या आवश्यक है।

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पद्मासन के लाभ | Padmasana Benefits in Hindi

इस आसन के अभ्यास से वात-रोग, पेट-रोग, कब्ज आदि रोगों मैं लाभ होता है।
इस आसन में ध्यान लगाने से लाभ बढ़ जाते हैं।
ध्यान से अलौकिक शक्तियों का समावेश होता है।
शरीर की सुघड़ता, कान्ति, दीर्घ यौवन सहज में प्राप्त होते हैं।

पद्मासन करने की विधि | Padmasana Steps

जमीन पर आसन लगाकर उस पर बैठकर दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जायें। अब दायीं टांग को पिण्डली और पैरों से पकड़कर धीरे-धीरे घुटने पर मोड़ें। 90″ के कोण के बाद टांग को मोड़ने में कठिनाई होती है। इसके लिये धीरे-धीरे अभ्यास करें।

अब दाहिने पैर के गटूटे और पंजे को पकड़ें और द्वाहिनी टांग को थोड़ा ऊपर उठाते अन्दर की ओर खींचिये। दाहिने की एड़ी बायीं जांघ की जड़ से लगाकर कस लें। अब बायीं टांग को पुन से मोड़कर गट्टे को बायें हाथ , तथा पंजे को दाहिने हाथ से प्रकृड़कर थोड़ा ऊपर उठायें।

बायें पैर की एड़ी को दायीं जांघ की जड़ से सटा दीजिये। फिर ज्ञान मुद्रा में उंगलियों को करके घुटनों पर रखें। अब ध्यान लगायें।

विशेष

दायें पैर के पंजे को बायीं जांघ पर व बायें पैर के पंजे को दायीं जांघ पर रखकर दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर सीधे बैठें। सर्वप्रथम समतल भूमि पर आसान लगायें।

  • आसन को धीरे-धीरे सावधानीपूर्वक करें।
  • उत्तर की और मुँह करके न बैठें।
  • रात मैं दोनों पैरों के गटूटे पर सरसों के तेल की मालिश करें।
  • मोठे, थुलथुले व्यक्ति को पहले शरीर को सुडौल बनाने और मोटापा दूर करने वाले आसनों का अभ्यास करना चाहिये।

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पद्मासन योग की सावधानियां

किसी भी व्यायाम को शामिल करने से पहले यह देखना जरुरी हैं सुरक्षा की दृष्टि से आपके लिए सही हैं या नहीं। कमल मुद्रा करने के दौरान कुछ सावधानियां रखनी चाहिए।

  • ये आसन उन लोगों को नहीं करना चाहिए जिनके घुटने में चोट या टखने में दर्द या चोट है क्योंकि यह आपके घुटनों और टखनों को अधिक खिचाव देता है।
  • पद्मासन योग एक मध्यवर्ती मुद्रा है जिसे अधिक सुधर और सटीकता की आवश्यकता होती है। तो हमेशा योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में प्रदर्शन करना सबसे अच्छा होता है, विशेष रूप से बच्चों के लिए।
  • योग आपके दर्द को दूर कर सकता है और आपके स्वास्थ्य को अच्छा रखता है, लेकिन आपके स्वास्थ्य रोगो के लिए एक उचित दवा नहीं है। इसलिए यदि आप किसी बड़ी बीमारी या एलर्जी से पीड़ित हैं या किसी उपचार से गुजर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर की सलाह से ही इस मुद्रा को करे है।स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए योग शुरू करने से पहले इन सावधानियों का पालन करें।

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