low bp symptoms in Hindi
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अगर आपको भी है लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम तो ये जरुर पढ़ें | Low BP Symptoms and Treatment in Hindi

low bp(blood pressure) symptoms in Hindi- लो ब्लड प्रेशर(blood pressure)BP जिसे हाइपोटेंशन भी कहा जाता है, आजकल की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में ब्लडप्रेशर की शिकायत(symptoms) होना एक आम बात है। हमारे गलत खान पान और रहन सहन के कारण हम लोग लो ब्लड प्रेशर(blood pressure)BP के शिकार हो जाते हैं। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी को लो ब्लड प्रेशर की समस्या ने प्रभावित किया हुआ है, लेकिन अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि वह लो ब्लड प्रेशर(blood pressure)/BP से पीड़ित हैं। वैसे लो ब्लड प्रेशर अपने आपमें कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह शरीर में पल रही किसी गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। लो ब्लड प्रेशर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकता है। इसलिए इसे हल्के में बिलकुल ना लें। तो आईये आज हम आपको लो ब्लड प्रेशर के बारे में और इसके लक्षणों, कारणों और बचने के उपायों के बारे में बताते हैं।

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जानें क्या है लो ब्लड प्रेशर(blood pressure)BP प्रॉब्लम-

सामान्य तौर पर किसी भी व्यक्ति का नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/80 होता है। इससे थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे चलता है, पर अगर आपका ब्लड प्रेशर 90/60 या उससे भी कम है, तो आपको लो ब्लड प्रेशर की समस्या है। लो ब्लड प्रेशर प्रॉब्लम होने पर धमनियों और नसों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। रक्त का प्रवाह कम होने के कारण दिमाग़, दिल तथा गुर्दे में ऑक्सीजन और पौष्टिक तत्व नहीं पहुंच पाते है, इन सभी कारणों के चलते हमारी इंद्रियां सही से काम नहीं कर पाती हैं।

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जानें लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों के बारे में- low bp(blood pressure) symptoms in Hindi

  • अत्यधिक थकान, कमजोरी और चक्कर आना
  • कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई देना
  • छाती में दर्द, सांस फूलना और अनियमित धड़कनें
  • तेज रफ्तार से आधी-अधूरी सांसें आना
  • चिडचिडापन और डिप्रेशन होना
  • प्यास लगना और तेज रफ्तार से आधी-अधूरी सांसें आना
  • भूख ना लगना और हमेशा सरदर्द बना रहना
  • चेहरे पर फीकापन और आंखों का लाल हो जाना
  • उल्टी और डायरिया भी हो सकती है

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जानें क्या हैं लो ब्लड प्रेशर(low blood pressure/BP ) प्रॉब्लम के कारण-

आजकल हर किसी का ब्लड प्रेशर कम हो रहा है। और इसके लक्षण ऐसे होते है की किसीका का ध्यान जाता नहीं है। कुछ कारन है जिनके कारन ब्लड प्रेशर लम्बे समय तक रह सकता जो हमारे लिए खतरनाक हो सकता है।

  • शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने के कारण
  • डायबिटीज या लो ब्लड शुगर दवाओं के प्रभाव के कारण
  • असंतुलित आहार और डाइट में पोषक तत्वों की कमी के कारण
  • अधिक क्रोध और मानसिक चिंतन करने के कारण
  • खून की कमी होना या बहुत ज्यादा खून के बहने के कारण
  • शरीर के अंदरुनी अंगो में सूजन होने के कारण
  • हृदय की मांसपेशियां कमज़ोर होने के कारण
  • प्रेगनेंसी या गर्भावास्था के दौरान
  • अचानक सदमा लगना, कोई भयावह दृश्य देखने या खबर सुनने से भी लो ब्लड प्रेशर प्रॉब्लम हो सकती है

दवाओं के कारण भी रक्तचाप कम हो सकता है। बीटा-ब्लॉकर्स और नाइट्रोग्लिसरीन, जिसका उपयोग हृदय रोग के इलाज के लिए किया जाता है, ये भी मुख्या कारण है। मूत्रवर्धक , ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स और स्तंभन दोष दवाएं भी हाइपोटेंशन का कारण बन सकती हैं।

कुछ लोगों को अज्ञात कारणों से निम्न रक्तचाप होता है। हाइपोटेंशन का यह रूप, जिसे क्रोनिक एसिम्प्टोमेटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है, आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है। वर्तमान में सामान्य रक्तचाप की पहचान 120/80 Hg से कम है।

पूरे दिन, रक्तचाप, शरीर की स्थिति, श्वास की दर, तनाव का बढ़ाना, शारीरिक स्थिति, आपके द्वारा ली जाने वाली दवाओं, जो आप खाते हैं और पीते हैं, और आपके दिन के रूटीन पर निर्भर करता है। रक्तचाप आमतौर पर रात में सबसे कम होता है और जागने पर तेजी से बढ़ता है।

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लो ब्लड प्रेशर(low blood pressure/BP)  होने पर क्या करें-

  • अचानक लो ब्लड प्रेशर(low blood pressure) होने पर तुरंत नमक का पानी पियें
  • अगर आप खड़े हों तो तुरंत बैठ या लेट जाएँ
  • अपनी मुट्ठी को खोलें और बंद करें ऐसा कई बार करें
  • अपने शरीर को एक्टिव रखने के लिए पैरों को हिलाते रहें
  • अगर आप लेटे हों तो सीधे उठकर खड़े न हों। पहले उठकर बैठें फिर कुछ सेकेंड रुकें उसके बाद उठकर खड़े हों
  • ज्यादा प्रोब्ल्म होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें

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लो ब्लड प्रेशर से बचाव के तरीके- low bp symptoms in Hindi

  • प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी और तरल पदार्थ पिएं
  • अपने खाने में सेंधा नमक का सेवन करें और खाने में नमक की मात्रा थोड़ी सी बढ़ा दें
  • सर, दही, दूध और दूध से बने पदार्थ खाएं लेकिन अगर आपका कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो घी, मक्खन व मलाई से परहेज करें
  • एक्सरसाइज़, योगा, स्विमिंग, वॉकिंग और साइकलिंग इनमें से कोई एक एक्टिविटी अपनी दिनचर्या में शामिल करें
  • हेल्दी डायट अपनाएं अपने खाने में साबुत अनाज, फ्रूट्स और ग्रीन वेजीटेबल्स शामिल करें
  • शराब और धुम्रपान पूरी तरह बंद कर दें
  • ज्यादा देर तक खड़े ना रहें
  • 6-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें
  • तनाव से दूर रहें और पॉजिटिव रहें

Blood pressure: कितना कम जा सकता हैं?

जो Blood pressure लिए निम्न है वो किसी और के लिए सामान्य हो सकता है। ज्यादातर डॉक्टर ब्लड प्रेशर को कम जब मानते हैं, तब लक्षण दिखाई देते है।

कुछ विशेषज्ञ निम्न रक्तचाप को 90 मिमी एचजी सिस्टोलिक या 60 मिमी एचजी डायस्टोलिक से कम रीडिंग के रूप में परिभाषित करते हैं। यदि या तो संख्या इससे कम है, या फिर आपका दबाव सामान्य से कम है।

Blood pressure में अचानक कमी आना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। सिर्फ 20 मिमी एचजी का परिवर्तन – 110 सिस्टोलिक से 90 मिमी एचजी सिस्टोलिक तक परिवर्तन, उदाहरण के लिए – मस्तिष्क की रक्त की पर्याप्त आपूर्ति प्राप्त करने में विफल होने पर चक्कर आना और बेहोशी पैदा कर सकता है। और बड़ी प्लेग, जैसे कि अनियंत्रित रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण या एलर्जी के कारण होती है, यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है।

दवाएं जो निम्न रक्तचाप का कारण बन सकती हैं

कुछ दवाएं निम्न रक्तचाप का कारण बन सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Water pills (मूत्रवर्धक), जैसे कि फ़्यूरोसेमाइड (लासिक्स) और हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड (मैक्सज़ाइड, माइक्रोज़ाइड, अन्य)
  • अल्फा ब्लॉकर्स, जैसे कि प्राजोसिन (मिनीप्रेस)
  • बीटा ब्लॉकर्स, जैसे एटेनोलोल (टेनोरमिन) और प्रोप्रानोलोल (इंडेरल, इनोप्रान एक्सएल, अन्य)
  • पार्किंसंस रोग के लिए ड्रग्स, जैसे प्रैमिपेक्सोल (मिरेपेक्स) या लेवोडोपा वाले
  • कुछ प्रकार के एंटीडिपेंटेंट्स (ट्राईसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स), जिनमें डॉक्सपिन (सिलीनोर) और इमीप्रामाइन (टोफ्रेनिल) शामिल हैं
  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए ड्रग्स, जिसमें सिल्डेनाफिल (रेवेटो, वियाग्रा) या टैडालफिल (एडिसर्का, सियालिस) शामिल हैं, खासकर जब दिल की दवा नाइट्रोग्लिसरीन के साथ ली जाती है

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