कूर्मासन योग विधि, लाभ और सावधानी

कूर्मासन क्या है? | Kurmasana in hindi

इस आसन में शरीर की स्थिति कछुए जैसी बनती है, इसलिए इसे कूर्मासन कहते हैं।

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कूर्मासन की विधि | kurmasana steps in hindi

Kurmasana in hindi

इस आसन में भूमि पर बैठ जाएं । बैठने के बाद दोनों घुटनों को मोड़कर पीछे ले जाएं तथा एड़ियों पर नितम्बों को टिकाकर बैठ जाएं।

दोनों एड़ियां परस्पर मिली तथा ऊपर की ओर उठी रहनी चाहिएं। पंजे जमीन पर रहें।

अब दोनों घुटनों को जमीन पर टिकाएं। इस प्रकार केवल घुटने और पंजे ही जमीन पर रहेंगे। फिर दोनों हाथों की मुद्ठियां बांधकर उन्हें घुटने पर रखें तथा श्वास को भीतर खींचते हुए सिर को नीचे झुकाएं। सिर को मुट्टियों पर रखें।

ध्यान रहे मुट्ठिया घुटनों से आगे न सरकने पायें। इस मुद्रा में आ जाने के बाद श्वास दर रोक लें। जब तक १वास को रोके रख सकें, रोके रखें तथा उक्त स्थिति में ही रहें।

तदुपरांत श्वास को धीरे-धीरे छोड़ते हुए सीधे होते जाएं और सीधे बैठ जाएं। आसन मुद्रा तोड़कर पूर्व स्थिति में आकर थोड़ा विश्राम 10 से 15 सेकेण्ड का लें, पुनः आसन अभ्यास करें।

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विशेष

इस आसन को करने से कमर पर अधिक जोर पड़ता है, अतः आसन की स्थिति में शरीर के लचीलेपन को बनाएं तथा जहां तक सम्भव हो, शुरूआती अभ्यास में वहीं तक कमर को झुकाएं।

कूर्मासन करने का समय

आसन में आने के बाद श्वास रोककर रखने की स्थिति तक रहें। फिर आसन तोड़ें, पूर्व मुद्रा में आयें तथा 10-15 सेकेण्ड के अभ्यास के बाद पुनः आसन मुद्रा अपनाएं।

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कूर्मासन के लाभ | kurmasana benefits in hindi

  • इस आसन से घुटने और टांगों को पुष्ठता प्राप्त होती है।
  • इस आसन से हर्निया रोग ठीक होता है।
  • इस आसन से शरीर का रक्त संचार तीव्र होता है।

कूर्मासन योग करने से पहले क्या पता होना चाहिए

ध्यान रहे की कि सुबह खाली पेट कुर्मासन का अभ्यास करें। ब्रह्म मुहूर्त , जो सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले है, कुर्मासन का अभ्यास करने का सबसे अच्छा समय है क्योंकि मन स्वाभाविक रूप से शांत होता है, जिससे आपके लिए अपने मन और शरीर को अंदर की ओर खींचना आसान हो जाता है।

अगर आपके लिए रोजाना सुबह 5 बजे उठना संभव नहीं है, आप शाम को भी कुर्मासन का अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि भोजन से 4-6 घंटे बाद योग का अभ्यास करे। शाम को, मुद्रा में आने से पहले आपको अपने मन को शांत करना पड़ेगा। अन्यथा, ध्यान केंद्रित करना और ध्यान लगना मुश्किल हो जाता है।

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कूर्मासन योग में सावधानियां | Kurmasana Precautions in Hindi

यदि आपको कूर्मासन योग करते समय आपको घुटनों में दर्द महसूस होता है, तो दर्द को कम करने के लिए अपनी भुजाओं को बाजू से थोड़ा सा आगे की ओर ले जाएँ। आपको अपने शरीर को कूर्मासन योग करने के लिए तैयार करना होगा। मुद्रा ग्रहण करने से पहले आवश्यक प्रारंभिक पोज़ करें।

इसके साथ ही कुछ सावधानिया है जिनका आपको ध्यान रखना है

  • यदि आप गर्भवती हैं या मासिक धर्म हैं तो ये आसन नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपके कंधे, कूल्हे या हाथ में चोट है, तो कुर्मासन का अभ्यास न करें।
  • यदि आप कटिस्नायुशूल या पुराने गठिया से पीड़ित हैं, तो मुद्रा से बचें।

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सारांश

कूर्मासन (Kurmasana) एक उन्नत मुद्रा है, और इसे उचित रूप में करने में एक निश्चित समय लगता है। इसे आसान को करने के लिए किसी योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में करें। एक बार मुद्रा में, अगर आपके पैरों की एड़ी को जमीन पर रखना मुश्किल हो जाता है, तो अपने पैरों के नीचे तकिए या मुड़े हुए कंबल रखें।

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