कोणासन की विधि | Konasana in Hindi

कोणासन | Konasana in Hindi करने में आसान होने के साथ ही उतना ही लाभकारी भी है। अगर मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसे रहती है। सारा दिन आपको आलस्य छाया रहता है, पैरों में दर्द भी रहता है। ये सब तकलीफ से छुटकारा पाने के लिए आप इस योग कर सकते है। इसलिए आपको मांसपेशियों को मजबूत बनाना हो या फिर फेफड़ों को स्वस्थ रखना हो, तो कोणासन करने से सारी तकलीफे दूर हो जायेगी हैं।

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कोणासन की विधि | Konasana in Hindi

सीधे खड़े हो जायें, और फिर दोनों पांवों को धरती पर जमा लें, किन्तु दोनों पांवों के मध्य का अन्तर एक मीटर से कम नहीं रहना चाहिये।

अब बायें हाथ को झुकाकर उसकी हथेली को बायें पांव के घुटने से नीचे लगा लें और दायें हाथ के सामने की ओर फैला लें (जैसा कि संलग्न चित्र में दिखाया गया है)।

konasan ki vidhi

इस सर्वांग की सन्धियां दृढ़ होती हैं। यह अत्यन्त ओजस्वी आसन है।

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कोणासन के लाभ | Konasana Benefitsi in Hindi

  • इसके नियमित अभ्यास से चेहरे पर तेज आता है एवं शरीर पुष्ट हो जाता है।
  • इससे मन की एकाग्रता प्राप्त होती है।
  • मानसिक तनावों से मुक्ति मिलती है।
  • वीर्य की ऊर्ध्वमुखी हो जाती है।
  • काम-वासना शान्त होती है।
  • शरीर सदैव स्वस्थ रहता है।

नोट- यह स्त्री-पुरुष दोनों के लिये लाभकारी है।

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कोणासन करने का समय

इसका अभ्यास रोजाना करने से अच्छे लाभ मिलते हैं। इसे सुबह और शाम कभी भी कर सकते है लेकिन खाली पेट करना चाहिए है। इस आसन को 5 से 10 बार करना चाहिए।

कोणासन में सावधानी

जिनको स्पॉन्डिलाइटिस, कमर या पीठ दर्द हो उन्हें ये आसन नहीं करना चाहिए।

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