ध्यान कैसे करे | How to do Meditation in Hindi

How to do Meditation in Hindi | ध्यान कैसे करे – हर व्यक्ति के अंदर किसी न किसी कारन के चलते भय, आशंका,क़ोध और तनाव भर गया है। इससे उनमें इच्छाशक्ति की कमी होने लगी है। कमजोर इच्छाशक्ति से सकारात्मकता का अभाव होता है। इसका असर व्यक्ति के व्यवहार और दिनचर्या पर भी पड़ता है। नियमित ध्यान योग से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने से इच्छाशक्ति भी प्रबल होती है।

व्यक्ति को हर समय सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। हर समस्या को भी अच्छे सोच के साथ स्वीकार करें। परिवार के हर सदस्य एक साथ नियमित ध्यान करें। ध्यान में अच्छी बातों पर फोकस करें। अगर आप किसी प्रकार के भय से चिंतित है तो अपने अंदर यह विचार लाएं कि आप भय से मुक्त हो रहे हैं।

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ध्यान कैसे करे | How to do Meditation in Hindi

ध्यान हमेशा शांत और स्वच्छ स्थान पर लगाएं। ध्यान साधना आप छत पर और पार्क में भी लगा सकते हैं। हमेशा कपड़े ढीले ढाले ही पहनने चाहिए। आसन लगाते समय सुविधापूर्वक बैठना चाहिए ताकि लंबे समय तक बैठने में कोई परेशानी न हो। इसमें हमेशा कमर, गर्दन सीधी रखें। ध्यान लगाने से पहले अपने इष्ट ढेव का आह्वान जरूर करें। उनकी उपस्थिति मानते हुए ध्यान ज्यादा लाभकारी होता है।

आंखों को बंद कर महसूस करें कि शरीर की हर कोशिका शिथिल हो चुकी है। इसके लिए अपने मन को शरीर के हर हिस्से तक ले जाएं। यहां तक कि मन के माध्यम से शरीर के अंदर के अंगों को भी देखें।

ध्यान के लिए नर्म और मुलायम आसान होना चाहिए जिस पर बैठकर आराम और सुकून का अनुभव हो। बहुत देर तक बैठे रहने के बाद थकान या अकड़न महसूस न हो।

जमीन पर नर्म आसन बिछाकर दीवार के सहारे पीठ टिकाकर भी बैठ सकते हैं। बैठने में परेशानी होती है तो कुर्सी पर बैठ या खड़े होकर भी ध्यान लगा सकते हैं।

ललाट के बीचों-बीच जहां तिलक लगाते हैं वहां ध्यान लगाएं पूर्णिमा की तरह सफेद रंग के चांद को महसूस करें, ओम का उच्चारण करें।

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प्रकाश को महसूस करें

ध्यान के समय गहरी सांस लेते रहें। ऐसा महसूस करें कि सांस के साथ भगवे रंग का प्रकाश शरीर की हर कोशिका तक पहुंचकर हमें अंदर से स्वस्थ बना रहा है। हमारी इच्छाशक्ति को बढ़ा रहा है।

ध्यान में सावधानी

  • ध्यान लगाते समय कोई तनाव नहीं होना चहिए।
  • अपकी अंखें बंद, स्थिर और शांत होनी चाहिए।
  • ध्यान भूकुटी पर रखें।
  • खास बात यह है कि ध्यान में सोएं नहीं बल्कि साक्षी भाव में रहे।
  • 10-15 मिनट रोजाना ध्यान लगाना चहिए।
  • ध्यान के लिए सुबह का समय अच्छा होता है।
  • खाली पेट शाम में भी कर सकते हैं।

ये हैं ध्यान के फायदे | Meditation Benefits in Hindi

सांसरिक कार्यों को अच्छे से काम कर पाते हैं। पाचन प्रणाली में सुधार आता है।

प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है

मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने का काम ध्यान करता है। इससे मन शांत होता, तनाव घटता, ऊर्जा में वृद्धि और रिश्तों में सुधार आता है।

ध्यान के अभ्यास से हमारी दिमागी तरंगें धीमी हो जाती हैं। शरीर हल्का महसूस करता है। अच्छी नींद आती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

तनाव घटने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शरीर का दर्द कम होता है। इसके साथ ही कुछ अध्यत्मिक लभ भी मिलते हैं। सकारात्मक इच्छाशक्ति बढ़ने लगती है।

भय से अभय की ओर

योग के रास्ते भय से अभय की ओर जाया जा सकता है। इसलिए नियमित ध्यान लगाने की आवश्यकता होती है। नियमित अभ्यास से अभय की प्रप्ति की जा सकती है। जब भी ध्यान लगाएं तो मन में यह सोचें कि आपको जिस चीज से भय लग रहा है वह अपने आप दूर हो रहा है।

गुस्से पर नियंत्रण के लिए नियमित ध्यान जरुरी

आजकल गुस्सा और झल्लाहट हर वर्ग में देखने को मिल रहा है। गुस्सा एक प्रतिक्रियात्मक मानसिक आवेग है। कोई भी काम पसंद का नहीं हुआ तो क्रोध आने लगता है। क़ोधित व्यक्ति को इसका बिल्कुल ही एहसास नहीं होता है कि वह किस बात को लेकर नाराज हो रहा है। कई बार ऐसे कदम भी उठा लेते हैं जिससे जिंदगी भर पछताना पड़ता है। ध्यान-योग से इसपर नियंत्रण किया जा सकता है।

जब गुस्सा आए तो लोग कहते हैं कि उस बात पर से ध्यान हटाकार कहीं और दूसरी जगह व्यस्त करें। कुछ लोगों की सलाह होती है कि उल्टी गिनती शुरू कर दें, तो कोई कहता है कि दस मिनट के लिए अकेले शांत जगह पर बैठ जाएं। यह सब तरीकों से तत्काल लाभ मिलता हैं। लेकिन नियमित येग-ध्यान करने से गुस्सा नहीं एगा। अप कोई भी फैसला लेने से पहले सेच-विचार जरूर करेंगे।

इसके लिए सुबह के समय एकांत व शांत जगह पर बैठ जाएं। अपने इष्ट का ध्यान करें और लंबी सांस लें। इस क्रिया को रोज करें। फिर थोड़ा आराम करें और हाथ-मुंह धोने के बाद ही पानी पीएं।

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