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मकरासन योग करने का तरीका, फायदे और सावधानी

मकरासन योग करने का तरीका, फायदे और सावधानी

मकरासन क्या है?-

इस(मकरासन योग) आसन में व्यक्ति के शरीर की स्थिति मकडे क समान हो जाती है, अतः इस आसन का “मकरासन कहते हैं। इस आसन में पीठ क॑ बल लेटकर दोनों हाथों को विपरीत दिशा में फैलायें और पैरों को घुटनो से मोडकर रखते है।

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विधि:

मकरासन योग करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं अपनी टांगो को मोडें, पावों में थोडा अंतर रखे। ऐड़िया नितंबों से मिली हुई हों। अब श्वास भरकर तथा रोककर घुटने दायी तथा गर्दन बायीं और करके कुछ क्षण रुकें । पांव की स्थिति यह रहनी चाहिए कि ऊपर वाला घुटना नीचे वाले पांव की एड़ी के पास रहे। अब श्वास छोड़ते हुए वापस आएं। श्वास को भरते हुए बिलकुल ऐसे ही दूसरी ओर करें, घुटने बायीं ओर, गर्दन दायीं ओर, इस प्रकार दायें- बायें दो बार करें। फिर वापिस आएं और विश्राम करें। ध्यान स्वाधिष्ठान-चक्र पर।

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मकरासन योग की दूसरी स्थिति

मकरासन योग की दूसरी स्थिति में दोनों हाथों को कंधों के बराबर फैला दें। हथेलियां आकाश की ओर, दोनों पांवों को मिलाकर बाहर की ओर खींचते हुए 45 अंश के कोण तक उठाएं, दोनों हाथ भी दोनों ओर को खींचें। अब पांवों को बाहर की ओर रखते हुए दायीं ओर ले जायें और श्वास भरते हुए गर्दन को बायीं ओर पूरी तरह मोड़ दें। फिर पांवों को वापिस 45 अंश तक ले आएं, श्वास निकाल दें, गर्दन पूर्व स्थिति में ले आएं, अब श्वास भरते हुए पांवों को उल्टी दिशा में बायीं ओर ले जाएं और गर्दन को दायीं ओर मोड़ दें। ध्यान रहे, पांव भूमि से ऊपर उठे हुए रहें | इस क्रिया को दो बार दायें और दो बार बायें करें । आसन करें तो श्वास भरें, वापस आएं तो श्वास बाहर निकाल दें।

अब पांव और हाथ वापस ले आएं। शरीर को शिथिल करें। यह आसन की दूसरी स्थिति है।

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मकरासन योग के लाभ:

मकरासन योग आसन से मेरूदंड के सभी मोहरे खुलते हैं । इनकी मालिश होती है। हृदय तथा रक्तचाप के रोगियों के लिए विशेष लाभकारी आसन है।SA रक्तसंचार तेज होता है। शरीर में चेतना आती है। पेट की आंतों को प्रभावित करता है | मकरासन योग से कब्ज दूर होती है। कमर तथा गर्दन की मांसपेशियों में लचक पैदा होती है तथा सौंदर्य को बढ़ाता है। रीढ को हड्डी को प्रभावित करता है। नाड़ी संस्थान को शिथिल करता है।

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रोग निदान और लाभ मकरासन योग के

.1 पेट की आतों को बल मिलता है।

2. कमर, गर्दन, बांहों एवं जांघों की पेशियों में मजब॒ती व लचीलापन आता है।

3.हृदय एवं रक्‍त के रोगी का रोग दूर हो जाता है

4. मंरुदण्ड के रिंग खुलते हैं मरुदण्ड लचीला होता है।

5. इस आसन को करने से कब्ज दूर हो जाता है।

6. मकरासन को करने से रक्‍त-संचार तेज होता है।

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सावधानी-

1. मकरासन योग को करते समय शरीर को बिल्कुल एकदम ढीला रखना चाहिये ।

2. शरीर के अंगों को मोड़ते समय सावधानी रखनी चाहिये।

3. शरीर को अधिक तना हुआ नहीं रखना चाहिये।

मकरासन योग करने का समय

इस आसन को तीन से चार बार या पांच बार तक कर सकतें हैं।

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