एड्स के लक्षण,कारण और इसके उपचार(aids ke lakshan)

एचआईवी एड्स(aids ke lakshan in hindi) के बारे में तो आप सबने सुना ही होगा। और यह भी जानते होंगे, कि असुरक्षित शारीरिक संबंध इस बीमारी को जन्म दे सकते हैं। इतना ही नहीं, पीड़ित व्यक्ति के शारीरिक द्रव के संपर्क में आने से भी आप इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। यह कोई साधारण बीमारी नहीं हैं। एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है यानी कि यह एक महामारी है। एड्स का पूरा नाम है ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम। एचआईवी एक विषाणु है जो बॉडी के इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव ड़ालता है और व्यक्ति के शरीर में उसकी प्रतिरोधक क्षमता को दिन प्रतिदिन कमजोर कर देता है। भारत की बात करें तो यहां एड्स के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आज हम आपको इसके कुछ शुरुआती लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन संकेतों को पढ़ने के बाद किसी को लगे की वह एड्स(aids) का शिकार हो सकते हैं, तो घबराने और छुपाने की बजाय तुरंत अपना चेकअप करवाएं।

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1-कैसे फैलता है एड्स- 

  • असुरक्षित यौन सम्बन्ध से।
  • दूषित टीकों और सुइयों के संपर्क में आने से।
  • पीड़ित व्यक्ति के साथ खून के अदन प्रदान से।
  • एड्स से पीड़ित माँ से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को।

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2-क्या हैं एड्स के लक्षण- (aids ke lakshan in hindi)

  • अचानक वजन का घटते जाना।
  • लगातार बुखार आना।
  • हमेशा थकान रहना।
  • सरदर्द का बना रहना और गला ख़राब रहना।
  • सोते समय बहुत पसीना आना।
  • स्किन पर लाल रंग के निशान और धब्बे होना।
  • मानसिक तनाव रहना और याददाश्त का काम होना।

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3-कैसे करें एड्स से बचाव- Aids se bachav

  • पीड़ित व्यक्ति से यौन संबंध ना बनाएं और हमेशा सुरक्षित सेक्स करें।
  • एक बार यूज की हुई सुइयों का प्रयोग ना करें।
  • खून के लेन-देन से पहले उसकी हमेशा जांच करें।
  • अगर आप एड्स से पीड़ित हैं तो रक्तदान कभी ना करें।

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4-कैसे करें एड्स से उपचार- Aids se upchar

  • अपने आप को स्वच्छ रखें और खासकर अपने नाखून साफ़ रखें।
  • शौचालय के प्रयोग के बाद और भोजन से पहले अपने हाथों को हर बार धोएं।
  • काटने / छिलने या घाव होने पर उसको ढककर रखें।
  • संतुलित मात्रा में आहार लें।
  • नियमित हल्का व्यायाम और पर्याप्त विश्राम करें।
  • धूम्रपान, शराब या अन्य किसी भी प्रकार का ड्रग्स ना लें।
  • नियमित रूप से अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें और डॉक्टर के बताये अनुसार प्रतिरक्षण लें।

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