दादी माँ के परीक्षित घरेलू नुस्खे

इस लेख दादी माँ के परीक्षित घरेलू नुस्खे के अंतर्गत ऐसे घरेलू परीक्षित नुस्खे प्रकाशित किये गया है जो छोटी मोटी व्याधियों को दूर करने में सफल व गुणकारी सिद्ध हुए है। इस लेख में घरेलु नुस्खे बताने का उद्देश्य है कि कोई छोटी-मोटी व्याधि कभी हो जाए तो घर पर ही निरापद और उचित ढंग से घरेलू इलाज करके व्याधि को दूर किया जा सके । कभी कभी यह उक्ति चरितार्थ हो जाती है कि खोदा पहाड़ और निकली चुहिया।

आजकल अधिकतर ऐलोपेथिक इलाज के चक्कर में बहुत पैसा खर्च होता है और बीमारी भी ठीक नहीं होती है यहाँ पर कुछ नुस्खे है जो दादी माँ के नुस्खे है जो आपको एक प्राक्रतिक इलाज है जो घर में ही आसानी से उपयोग किया जा सकता है।आज कल बहुत ही काम लोग है जो घरेलू नुस्खों के बारे में जानते है और उनको आजमाते है लेकिन पुराने ज़माने में इन्ही से बीमारिया ठीक कर ली जाती थी ।

दादी माँ के नुस्खे | Dadi Maa ke Nuskhe in Hindi

दस्त होने पर

चाय की पत्ती एक चम्मच फांक कर ऊपर से ठण्डा पानी पी लें। एक बार में प्रयोग करने पर दस्त बन्द हों जाते हैं। आराम न हो तो एक बार और ले लें। बार लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी ।

एक और नुस्खा जो शत प्रतिशत गुणकारी सिद्ध हुआ- आधा कप चाय व आधा कप पानी मिला कर पिने से भी दस्त बन्द हो जाते हैं।

साइनस रोग में

अगर किसी को सायनस का कष्ट है। कई चिकित्सकों के दिखने पर ठीक नहीं नहीं हुआ और इसे असाध्य कह कर जवाब दे दिया हो तो एक बार इस नुस्खे को जरूर अपनाये।

नुस्खा- रीठा का महीन चूर्ण । ग्राम और त्रिकुटा (सोंठ, पीपल, काली मिर्च) चूर्ण 2-३ ग्राम, एक कप पानी में डाल कर शाम को रख दें। सुबह इसका पानी निथार कर शीशी में भर लें। सुबह खाली पेट, ड्रॉपर की सहायता से, नाक के दोनों तरफ़, 2-2 बूंद टपका लिया करें। कुछ दिन यह प्रयोग करने से सिरदर्द, सिर का भारीपन, नाक बन्द रहना, पीनस रोग वसाइनस आदि व्याधियां दूर हो जाती हैं।

इस नुस्खे का प्रयोग करते हुए चोकर युक्त आटे की रोटी व ताज़ी सब्ज़ी खाने के बाद दोपहर मे लहसुन की 4 कलियां चबा चबा कर खा सकते है।

खुजली

नुस्खा– लहसुन की 10-12 कलियां सरसों के 250 मिलि तैल में डाल कर उबालें । कलियां काली पड़ जाएं तब उतार कर छान लें। इसमें एक चम्मच खाने का पिसा हुआ नमक डाल कर रखें। इस तैल को लगा कर मसाज करें। खुजली जड़ से चली जाएगी।

दांतों का दर्द

कपूर को बारीक़ पीसकर दांतों पर उंगली से लगाएं और उसे मलें। सुराखों को भली प्रकार साफ कर लें। फिर सुराखों के नीचे कपूर को कुछ समय तक दबाकर रखने से दांतों का दर्द निश्चित रूप से समाप्त हो जाता है।

रूई के फाहें पर पीपरमेण्ट का टुकड़ा रख कर दांत या दाढ़ पर लगा दें उपर से रूई लगा कर मुंह बन्द रखें। थोड़ी देर में दर्द बन्द हों जाएगा।

पथरी

नुस्खा- दारु हल्दी 0 ग्राम ले कर कूट पीस कर एक लिटर पानी में डाल कर उबालें। जब पानी चौथाई भाग यानी 250 मि.लि. बचे तब उतार लें। इसके तीन भाग (खुराक) कर लें। पहला भाग सुबह खाली पेट, दूसरा भाग दोपहर तीन बजे और तीसरा भाग रात को भोजन करने के बाद पी लें। यह काढ़ा रोज़ सुबह तैयार करें और एक मास तक दिन में तीन बार पीते रहें |

देर रात भोजन न करें, तले हुए, तेज़ मिर्च मसालेदार मांसाहारी और बेसन से बने व्यंजन आदि का सेवन न करें | एक मास में वह रोगी पथरी रोग से मुक्त हो गया। आपरेशन की नौबत ही नहीं आएगी।

मधुमेह

नुस्खा- एक भिण्डी के बीच में चार चीरे लगा कर, रात को एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। सुबह सूर्योदय के समय इसे मसल छान कर पी लें। प्रयोग शुरू करने से पहले सुगर की जांच करा लें। एक मास तक यह प्रयोग कर फिर जांच करा लें। यदि सुगर पूरी तरह नार्मल हो तो अप्रने चिकित्सक से परामर्श कर दवाई लेना बन्द कर दें और प्रति मास जांच कराते रहें।

प्राणायाम और योग का अभ्यास करने लगें और एक चम्मच साबुत मेथीदाना सुबह खाली पेट पानी के साथ निगल लिया करें। मधुमेह लौट कर न आएगा।

खांसी का इलाज

नुस्खा- बंगला, मालवी, कपूरी या बनारसी कोई भी पान का एक पत्ता ले कर इसके ठण्डल व नोक को कैंची से काट कर अलग कर दें। बीच की मोटी नस को काट कर अलग कर दें फिर पान को पानी से धो कर साफ़ कर लें | इस पर 5-6 साबुत काली मिर्च और तुलसी के 3-4 पत्ते रख कर पत्ते की पुड़िया बना कर मुंह में रख लें और चूसते रहें । यदि पान चरपरा लगे तो काली मिर्च की संख्या कम कर लें। यह प्रयोग सुबह जल्दी खाली पेट ही कर लेना चाहिए।

शुरू में यह प्रयोग लगातार एक सप्ताह तक करें फिर एक सप्ताह बन्द रखें फिर पुनः एक सप्ताह तक और सेवन कर लें | खांसी ठीक हो जाए तो यह प्रयोग बन्द कर दें। इस प्रयोग से खांसी व सर्दी ज़ुकाम तो दूर हो ही जाता है साथ ही टांसिल्स की सूजन, रक्त में कोलेस्टेरोल बढ़ा होना आदि विकार भी दूर हो जाते हैं।

सर में तेज दर्द

सर में तेज दर्द होने पर सेब को छीलकर बारीक़ काट ले और उसके में नमक मिलकर सुबह खली पेट खाये सर दर्द में फायदा होगा।

मोटापा

अगर मोटापा काम करना है तो दिन भर खूब पानी पिए दिन में 10-12 गिलास पानी पिए जिससे वजन घटेगा। एक ग्लास थोड़ा गरम पानी सुबह खली पेट ले इससे भी वजन काम होगा।
भोजन के पहले टमाटर का सूप पीने से या टमाटर कच्चे खाने से भी वजन कम होता होता है। भोजन के साथ सलाद ले ।

कान का दर्द

कान में दर्द होने पर मेथी के दानो को तेल में डालकर गर्म करे ठंडा होने पर इसे छानकर कान में डालने से आराम मिलेगा । और इसके अलावा तुलसी के पतों का रस निकाल कर कुछ बुँदे कान में डालने से आराम मिलेगा व कान का इन्फेक्शन भी दूर होगा । आप कान में प्याज का रस भी डाल सकते प्याज का रस निकाल कर उसे गुनगुना कर 2-3 बून्द कान में डेल दिन में 3-4 बार डाले आराम मिलेगा।

रूसी | Dadi Maa ke Nuskhe for Hair in Hindi

समुद्री नमक की एक चमच्च ले और उसको बालो पर मालिस कर ऐसा करते समय उंगलियों को गिला कर ले ऐसा महीने में एक बार करने पर बालो की रस्सी खत्म होती है।

दाद

सफ़ेद फिटकरी को पानी में डुबो कर दाद पर, सुबह, दोपहर, शाम और सोते समय, 2-3 मिनिट तक फेरना चाहिए इस उपाय से एक सप्ताह में दाद समाप्त हो जाती है।

वात रोग

वात रोगो में कमर और कमर के नीचे पैरों तक दर्द होने लगता।

नुस्खा- हल्दी 50 ग्राम, मेथीदाना 50 ग्राम, सोंठ 50 ग्राम और अश्वगन्धा चूर्ण 25 ग्राम- सबको कूट पीस कर बारीक चूर्ण कर लें। इसे तीन बार छान कर एक जान कर लें। इस चूर्ण को 4- छोटा चम्मच (5-5ग्राम) सुबह व रात को सोते समय खाली पेट, गरम दूध के साथ लें । एक सप्ताह के अन्दर दर्द पूरी तरह दूर हो जाएगा।

अण्डकोष में पानी भरना

केले के फूल की पखड़ी में अरण्डी का तैल लगा कर आंच पर गरम करें और सहन करने योग्य गरम, अण्डकोश पर लगा कर लंगोट कस कर बांध दें। ऐसा तीन दिन, प्रतिदिन एक बार करें। 4-5 दिन में ही आराम हो जाएगा।

चहरे के तिल

नुस्खा- बादाम, खसखस व गुलाब के फूल- तीनों समान वज़न में ले कर पानी के साथ महीन पीस लें और यह लेप सुबह सूर्योदय होने से पहले, चेहरे पर लगा लें। दो घण्टे बाद धो डालें। जब तक तिल गायब न हो जाएं तब तक यह प्रयोग करते रहें।

टांसिल्स की सूजन (टांसिलाइटिस)

नुस्खा- खाने का सफ़ेद नमक, खाने का मीठा सोडा, पिसी फिटकरी (लाल या सफ़ेद कोई सी भी ले सकते हैं), लाल दवा (पोटाशियम परमेग्रेट), तुलसी की पत्तियां, काली मिर्च, सोंठ का चूर्ण और सेन्धा नमक ।

मात्रा और प्रयोग विधि- एक गिलास कुनकुने गरम पानी में, आधा चम्मच खाने का सफ़ेद नमक, आधा चम्मच खाने का सोडा और चावल बराबर पिसी (लाल या सफ़ेद) फिटकरी- डाल कर घोल लें। इस पानी से ग़रारे करें। ये गरारे चार बार करें- (1) सुबह सो कर उठने पर (2) और (3) दोनों वक्त के भोजन करने के बाद और (4) रात को सोने से पहले।

दिन में कभी भी एक बार एक गिलास ठण्डे सादे पानी में लाल दवा का एक दाना डाल कर घोल लें और इस पानी से ग़रारे करें । रात को सोने से पहले दो कप पानी में । पत्ती तुलसी की, 2 काली मिर्च साबुत, एक चुटकी सोंठ चूर्ण और एक चुटकी सेन्धा नमक डाल कर उबालें। जब आधा कप पानी शेष बचे तब उतार कर ठण्डा कर लें। इसे सोते समय पी लें और ओढ़ कर सो जाएं। यह 4-5 दिन में लाभ करने वाला रामबाण उपाय है। गले की खराश, दर्द और टांसिल्स की सूजन (टांसिलाइटिस) आदि व्याधियां 4-5 दिन में ही दूर हो जाती हैं।

सर्दी ज़ुकाम और ज्वर में भी इस उपाय से लाभ होता है। टांसिलाइटिस से अक्सर पीड़ित होने वाले व्यक्ति को ठण्डे ठण्डी प्रकृति के, बासे, चिकनाई वाले और खटूटे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। गले व छाती को ठण्डी हवा से बचाना चाहिए।

अगर घरेलू इलाज करने पर रोगी की स्थिति में सुधार न होता हो तो फिर चिकित्सक से सम्पर्क करने में ज़रा भी विलम्ब नहीं करना चाहिए। सेवा सहयोग की भावना और पवित्र उद्देश्य से ही इस स्तम्भ में अनुभूत, गुणकारी और रोगनाशक नुस्खे प्रस्तुत किये जाते हैं फिर भी रोगी की शारीरिक स्थिति और भाग्यवश नुस्खे से लाभ नहों तो चिकित्सक से ही इलाज कराना चाहिए । इन नुस्खे में से किसी भी नुस्खे को प्रयोग करने वाले परिणाम की सूचना कमैंट्स द्वारा हमें दे सकें तो हम उनके बहुत आभारी होंगे।

यदि इस लेख दादी माँ के परीक्षित घरेलू नुस्खे में प्रकाशित कोई नुस्खा पढ़ कर आपने प्रयोग किया हो तो उसके परिणाम की सूचना हमें कमैंट्स के द्वारा देने का कष्ट करें। उस नुस्खे का विवरण भी लिखने का कष्ट करें।

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