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गेहू के ज्वारे का रस अनेक रोगो की दवा

ज्वारे का रस अनेक रोगो के लिए रामबाण औषधि है ये कई कठिन से कठिन रोगो में कारगर साबित हुआ है, ये रस कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में भी सही है, यदि इस रस को नॉर्मल व्यक्ति भी रोजाना पीये तो कोई रोग नहीं होगा और हम ऐसा कह सकते है की ऐसा कोई रोग नहीं है जो इस रस को पीने से ठीक न हो। ऐसे ऐसे बड़े बड़े रोग जिनके लिए डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था वो रोग भी इस ज्वारों के रस से ठीक हुए है और गेहूं के जवारे के रस में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, और बी उपस्थित होते है इस रस में पोटेशियम, आहार फाइबर, थायामिन, राइबोफ़्लिविन, नियासिन, विटामिन बी 6, पैंटोथेनिक एसिड, लोहा, जस्ता, तांबे, मैंगनीज और सेलेनियम भी हमें मिल सकते है।

गेहू के ज्वार के रस बनाने की विधि:-

यह रस बनाने के लिए आपको आठ गमले या फिर आपके पास खुली जगह है तो आप वाहा आठ क्यारी बना ले। प्रत्येक गमले में मिटटी भर दे और थोड़ा खाली छोड़ दे हो सके तो खाद वाली मिटटी डालदे, गमलो को ऐसी जगह रखे जहा इनको सीधी धुप ना लगे और खुली हवा, प्रकाश भी मिलता रहे और इनको क्रम से लगाएआप चाहे तो गमले के नम्बर भी डाल सकते है जिससे आपको याद रहे।

हमारे पास अच्छे किस्म के गेहूं होने चाहिए, हमें एक मुट्ठी भर गेहूं की लेकर सुबह भिगो दे गेहूं अच्छे से भीग जाने चाहिए अब इन गेहूं को अगले दिन सुबह पानी निकालकर पहले नंबर के गमले में बो दे। गेहूं को बोन के लिए आप गमले की थोड़ी मिटटी हटा कर थोड़ा पानी से मिटटी गीली करके और गेहूं को बिखेर दे और निकली हुई मिटटी से उनको पूरा ढक दे और ऊपर से थोड़ा पानी छिड़क दे। ऐसे ही दुबारा गेहूं को भिगो दे और अगले दिन फिर यही प्रक्रिया करे और दूसरे गमले में गेहूं को बो दे और ऐसे करके एक एक कर सारे गमलो में बो दे।

आप दिन में गमले थोड़ा थोड़ा पानी डालें शुरू एक दो दिन तो दिन में दो तीन बार पानी स्प्रे कर दे जब ज्वारे उग जाये उसके बाद आप दिन में एक बार भी डाल सकते है। सात आठ दिन बाद पहले नम्बर के गमले में ज्वारे जब ६-७ इंच के हो जाये तो आप इन्हे रस निकालने के लिए काम में ले सकते हो।

ज्वारे का रस कैसे ले:-

रस निकालने के लिए आप ज्वारे को जड़ वाला हिस्सा और जो सफेद वाला हिस्सा है उसको छोड़ कर बाकि काट ले या फिर आधा इंच छोड़कर कर बाकि काम में लेलो।
इस रस को काम में लेने के लिए आप रोज सुबह शौच से निवर्त होकर खली पेट इस ज्वारे के रस का उपयोग करे और इसके उपयोग करने के एक घंटे तक कुछ नहीं लेना चाहिए। आपको ये ध्यान रखना चाहिए इस रस को निकलते ही पीना चाहिए जायदा देर तक रखने पर इसके गुण (पोषक तत्व) खत्म हो जाते है।

यदि आप पहली बार ज्वारे के रस का उपयोग कर रहे है तो आप शुरुआत में रस की मात्रा का उपयोग कम ले उसके बाद मात्रा को धीरे धीरे बढ़ाये। ऐसा इसलिए कहा जाता है की हो सकता है शुरू में आप इसका उपयोग करो तो उलटी आने जैसी समस्या या फिर हल्का बुखार जैसा भी लग सकता है ।

ज्वारे के रस के फायदे:-

  •  कैंसर को रोकने में
  • पाचन में सहायक होता है
  • त्वचा रोग और घावों का इलाज करने में
  •  प्रतिरक्षा बढ़ाता है
  •  कामेच्छा बढ़ाने में
  • जिगर को शुद्ध करने में
  •  बालों को स्वस्थ रखने में
  •  तनाव कम करने में
  •  वजन घटाने के लिए
  • यहअल्सर, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम, ईर्ष्या, और अपच का इलाज करने में मदद करता है
  • उच्च रक्तचाप को कम करने मे
  • हिमोग्लोबिन को बढ़ाने में

ज्वारे के रस एक अमृत के समान है इस रस का उपयोग नियमित करना चाहिए। ऐसा नहीं है की जो अस्वस्थ हो वो ही इस रस का उपयोग करे जो स्वस्थ है उसे भी इसका उपयोग रेगुलर करना चाहिए।

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